पवित्र अध्ययन
शाक्त एवं तांत्रिक उपनिषद्
देवी के दस उपनिषद् — मुख्य और मुक्तिका कक्षों के पास एक अध्ययन-वृत्त।
पहला अंश खुला है
देवी, शक्ति, मंत्र, पवित्र ज्यामिति, ज्ञान और चेतना के माध्यम से परम सत्य के स्वरूप को प्रकाशित करने वाले उपनिषदों की एक चिंतनशील यात्रा।
यह वृत्त मुक्तिका सूची पर पहले से नामित शाक्त एवं तांत्रिक उपनिषदों का सम्पादकीय अध्ययन-पथ है — मुख्य और मुक्तिका कक्षों के पास।
सार्वजनिक देवनागरी पाठ हो तो पाठक में अंश खुलता है। मन्त्राक्षर, न्यास और फलश्रुति की गिनती समीक्षा और गुरु-पद्धति के साथ रहती है। वृत्त बढ़ता रहता है।
इस वृत्त में और नाम भी बसते हैं। गायत्री, ॐ या ऋक् लिखकर देखें।
देवी उपनिषद्
परम सत्ता और अस्तित्व के स्रोत के रूप में देवी।
त्रिपुरा उपनिषद्
त्रिपुरसुन्दरी, श्रीविद्या और चेतना के त्रिविध प्रकाशन।
भावना उपनिषद्
श्रीचक्र, देह और चेतना के ध्यान-सम्बद्ध समन्वय।
त्रिपुरातापिनी उपनिषद्
त्रिपुरा, मन्त्र, यन्त्र और श्रीविद्या-ध्यान।
बह्वृच उपनिषद्
जगत् की भूमि और ब्रह्म के रूप में देवी।
सौभाग्यलक्ष्मी उपनिषद्
श्री, सूक्ष्मदेह के प्रतीक, योग-ध्यान और आध्यात्मिक सौभाग्य।
सीता उपनिषद्
आदि प्रकृति और दिव्य शक्ति के रूप में सीता।
सरस्वतीरहस्य उपनिषद्
सरस्वती, ज्ञान, मन्त्र और उपलब्धि।
अन्नपूर्णा उपनिषद्
अन्नपूर्णा, ज्ञान, संन्यास और अद्वय आत्मा।
सावित्री उपनिषद्
सवितृ, सावित्री और पूरक दिव्य सिद्धान्त।