Maa Kali dressed with lights, flowers, and the scythe of the shrine.

पवित्र अध्ययन

सावित्री उपनिषद्

सवितृ कौन, सावित्री कौन? जोड़े-जोड़े एक मिथुन।

पहला अंश खुला है

सवितृ, सावित्री और पूरक दिव्य सिद्धान्त।

सावित्री उपनिषद् (मुक्तिका ७५, सामवेद) जोड़े में पूछती है: सवितृ कौन, सावित्री कौन? अग्नि-पृथिवी, वरुण-आपः, मन-वाक् — एक मिथुन।

संस्कृत डॉक्यूमेंट्स इसे सामान्य वेदान्त में भी रखते हैं। यह शाक्त वृत्त सवितृ-सावित्री की पूरकता के लिए रखता है, वेदान्त-लेबल दिखाता है। अन्त का न्यास-बीज रोका गया। गायत्री ही सवितृ का सार्वजनिक पाठ है।

मुक्तिका ७५, सामवेद। संस्कृत डॉक्यूमेंट्स: सामान्य वेदान्त (savitri_u)। दोनों लेबल दिखाये गये।

संस्कृत डॉक्यूमेंट्स में पन्द्रह इकाइयाँ; यह ग्रन्थालय मिथुन-प्रश्न खोलता है, अन्त का न्यास रोकता है।

मुक्तिका ७५, सामवेद। संस्कृत डॉक्यूमेंट्स: सामान्य वेदान्त (savitri_u)। दोनों लेबल दिखाये गये।

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समीक्षा में रोके गये पाठ

  • 14 — मूल पंक्तियाँ मन्त्राक्षर रखती हैं; यह पृष्ठ विद्या का संचालन न बने इसलिए रोकी गईं।
  • 13 — फलश्रुति और जप-गणना समीक्षा में; यह घर उन्हें साधना-निर्देश के रूप में नहीं छापता।

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