Maa Kali dressed with lights, flowers, and the scythe of the shrine.

पवित्र अध्ययन

सरस्वतीरहस्य उपनिषद्

ऋषि आश्वलायन से पूछते हैं ज्ञान कैसे होता है जो अर्थ को प्रकाशित करे।

पहला अंश खुला है

सरस्वती, ज्ञान, मन्त्र और उपलब्धि।

सरस्वतीरहस्य (मुक्तिका १०६, कृष्ण यजुर्वेद) संवाद: ऋषि आश्वलायन से पूछते हैं किस उपाय से अर्थ-प्रकाशक ज्ञान होता है।

मुद्रित पाठ में दशश्लोकी बीज-ऋषि-छन्द-विनियोग के साथ। वे शीर्षक रोके गये। सार्वजनिक द्वार प्रश्न है।

मुक्तिका १०६, कृष्ण यजुर्वेद। संस्कृत डॉक्यूमेंट्स: श्री सरस्वतीरहस्य।

आरम्भ का संवाद, फिर स्तोत्र और अनुष्ठान-शीर्षक। यह ग्रन्थालय केवल प्रश्न खोलता है।

मुक्तिका १०६, कृष्ण यजुर्वेद। संस्कृत डॉक्यूमेंट्स: श्री सरस्वतीरहस्य।

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