Maa Kali dressed with lights, flowers, and the scythe of the shrine.

पवित्र अध्ययन

प्रकृति और प्रकाशन

सीता मूलप्रकृति; देवी युग्म जगत् का स्रोत।

सीता मूलप्रकृति; देवी युग्म जगत् का स्रोत।

  1. 1 Sītā Upaniṣad, opening (Sanskrit Documents recension) primary_text

    देवों ने प्रजापति से कहा: ‘सीता कौन? किस रूप की?’ प्रजापति ने कहा: ‘वह सीता हैं। मूलप्रकृति-रूप होने से सीता प्रकृति कही जाती हैं।’

  2. 2 Sītā Upaniṣad, three śaktis (Sanskrit Documents recension) primary_text

    वह देवी शक्ति में त्रिविध हैं: इच्छाशक्ति, क्रियाशक्ति, और साक्षात् शक्ति।

  3. 3 Devī Upaniṣad 1 (Sanskrit Documents numbering) primary_text

    सभी देव देवी के पास आये। ‘महादेवि, तुम कौन हो?’ उन्होंने कहा: ‘मैं ब्रह्मस्वरूपिणी हूँ। मुझसे प्रकृति-पुरुष का जगत् है — शून्य और अशून्य।’

  4. 4 Bahvṛca Upaniṣad 1 (Sanskrit Documents numbering) primary_text

    देवी पहले एक थीं। उन्होंने ही जगदण्ड रचा। उन्हें कामकला कहा जाता है। श्रृङ्गारकला कहा जाता है।

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