पवित्र अध्ययन
दिव्य स्त्रीरूप में ज्ञान
सरस्वती, वाक्, जानने का प्रश्न।
सरस्वती, वाक्, जानने का प्रश्न।
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1
Sarasvatīrahasya Upaniṣad 1 (Sanskrit Documents numbering)
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ऋषियों ने भगवान् आश्वलायन का पूजन कर पूछा: ‘किस उपाय से वह ज्ञान होता है जो अर्थ को प्रकाशित करे? किस उपासना से तत्त्व जानते हो? भगवन्, कहिए।’
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2
Sāvitrī Upaniṣad 8 (Sanskrit Documents numbering)
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सवितृ कौन? सावित्री कौन? मन ही सवितृ है; वाक् सावित्री। जहाँ मन, वहाँ वाक्; जहाँ वाक्, वहाँ मन। वे दो योनियाँ एक मिथुन हैं।
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3
Bhāvanā Upaniṣad, knower-knowledge-known (Sanskrit Documents recension)
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ज्ञाता होता है; ज्ञान अग्नि है; ज्ञेय हवि है। ज्ञाता-ज्ञान-ज्ञेय के अभेद की भावना श्रीचक्र-पूजन है।