कः सविता का सावित्री मन एव सविता वाक् सावित्री स यत्र वा मनस्तद्वाक् यत्र वा वाक् तन्मनस्ते द्वे योनी तदेकं मिथुनम् ॥
IAST लिप्यन्तरण
kaḥ savitā kā sāvitrī mana eva savitā vāk sāvitrī sa yatra vā manas tad vāk yatra vā vāk tan manas te dve yonī tad ekaṃ mithunam ||
समीपस्थ अनुवाद
सवितृ कौन? सावित्री कौन? मन ही सवितृ है; वाक् सावित्री। जहाँ मन, वहाँ वाक्; जहाँ वाक्, वहाँ मन। वे दो योनियाँ एक मिथुन हैं।
पाठक-सुलभ अर्थ
मन और वाक् एक जोड़ा — सरस्वतीरहस्य कक्ष का सेतु।
मीनानन्द सम्पादकीय व्याख्या
इस आश्रम में वाक् कीर्तन, मन्त्र और गुरु-वचन है। जोड़े के साथ बैठिए।
Sāvitrī Upaniṣad 8, Sanskrit Documents recension.Sanskrit: public-domain Devanagari as encoded at Sanskrit Documents (sanskritdocuments.org). Foundation translations: CC BY-SA 4.0.
तुलना
English
Who is Savitṛ? Who is Sāvitrī? Mind is Savitṛ; Speech is Sāvitrī. Where mind is, there is speech; where speech is, there is mind. Those two sources are one pair.
বাংলা
সবিতৃ কে? সাবিত্রী কে? মনই সবিতৃ; বাক্ সাবিত্রী। যেখানে মন, সেখানে বাক্; যেখানে বাক্, সেখানে মন। সেই দুই যোনি এক মিথুন।
हिन्दी
सवितृ कौन? सावित्री कौन? मन ही सवितृ है; वाक् सावित्री। जहाँ मन, वहाँ वाक्; जहाँ वाक्, वहाँ मन। वे दो योनियाँ एक मिथुन हैं।
आश्रम मार्गदर्शक
उत्तर इस साइट और Brahmexa वेबसाइट समाधान से। यह श्री मीनानन्द तीर्थनाथ नहीं हैं। दीक्षा नहीं देंगे; दीक्षा पृष्ठ पर भेजेंगे।