Maa Kali dressed with lights, flowers, and the scythe of the shrine.

पवित्र अध्ययन

देह, ब्रह्माण्ड और पवित्र समन्वय

भावनोपनिषद् के उद्धृत समन्वय।

भावनोपनिषद् के उद्धृत समन्वय।

  1. 1 Bhāvanā Upaniṣad, opening (Sanskrit Documents recension) primary_text

    आत्मा का अखण्ड मण्डल रूप में ध्यान करें, पूरे ब्रह्माण्ड को ढककर, स्वप्रकाश। ॐ। श्रीगुरु सर्वकारण शक्ति हैं। उससे देह नौ रन्ध्रों का रूप है। श्रीचक्र नौ शक्तियों का रूप है।

  2. 2 Bhāvanā Upaniṣad, knower-knowledge-known (Sanskrit Documents recension) primary_text

    ज्ञाता होता है; ज्ञान अग्नि है; ज्ञेय हवि है। ज्ञाता-ज्ञान-ज्ञेय के अभेद की भावना श्रीचक्र-पूजन है।

  3. 3 Bhāvanā Upaniṣad, fourteen nāḍīs (Sanskrit Documents recension) primary_text

    अलम्बुसा, कुहू, विश्वोदरी, वरुणा, हस्तिजिह्वा, यशस्वती, अश्विनी, गान्धारी, पूषा, शङ्खिनी, सरस्वती, इडा, पिङ्गला और सुषुम्ना — चौदह नाड़ियाँ। सर्वसङ्क्षोभिणी से चौदह त्रिकोण की देवताएँ उनके अनुरूप हैं।

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