पवित्र अध्ययन
Bhāvanā Upaniṣad, fourteen nāḍīs (Sanskrit Documents recension)
Bhāvanā Upaniṣad, fourteen nāḍīs (Sanskrit Documents recension)
Bhāvanā Upaniṣad, fourteen nāḍīs (Sanskrit Documents recension)
मूल शास्त्र-पाठ
अलम्बुसा कुहूर्विश्वोदरी वरुणा हस्तिजिह्वा यशस्वत्यश्विनी गान्धारी पूषा शङ्खिनी सरस्वतीडा पिङ्गला सुषुम्ना चेति चतुर्दश नाड्यः । सर्वसंक्षोभिण्यादिचतुर्दशारगा देवताः ।
IAST लिप्यन्तरण
समीपस्थ अनुवाद
अलम्बुसा, कुहू, विश्वोदरी, वरुणा, हस्तिजिह्वा, यशस्वती, अश्विनी, गान्धारी, पूषा, शङ्खिनी, सरस्वती, इडा, पिङ्गला और सुषुम्ना — चौदह नाड़ियाँ। सर्वसङ्क्षोभिणी से चौदह त्रिकोण की देवताएँ उनके अनुरूप हैं।
पाठक-सुलभ अर्थ
चौदह नाड़ियों के नाम चौदह त्रिकोणों के पास। बाद के अनुष्ठान-ग्रन्थ इस उद्धरण में नहीं मिलाये गये।
मीनानन्द सम्पादकीय व्याख्या
अन्वेषक पृष्ठ की तालिका इन्हीं नामों को दोहराती है। न्यास नहीं सिखाया जाता।
Bhāvanā Upaniṣad, fourteen nāḍīs, Sanskrit Documents recension. Recensions differ. Sanskrit: public-domain Devanagari as encoded at Sanskrit Documents (sanskritdocuments.org). Foundation translations: CC BY-SA 4.0.