अङ्कुश और श्वेत पाश से विश्व-दर्शिनी अभय को पाश से बाँधती हैं। पाँच बाण और धनुष से आदिशक्ति, अरुण, विश्वजात, बेधती हैं।
पाठक-सुलभ अर्थ
आदिशक्ति की रूपरीति — अङ्कुश, पाश, धनुष, पाँच बाण — उपनिषद् जैसा नाम देती है। वर्णन, पूजा का चित्र नहीं।
मीनानन्द सम्पादकीय व्याख्या
आश्रम की सार्वजनिक दुर्गा-मूर्ति में अस्त्र करुणा है जो भय बाँधती है। यहाँ भी वही करुणा।
Tripurā Upaniṣad 13, Sanskrit Documents recension.Sanskrit: public-domain Devanagari as encoded at Sanskrit Documents (sanskritdocuments.org). Foundation translations: CC BY-SA 4.0.
तुलना
English
With a goad, as it were, and a white (noose), She who sees the world binds the fearless one with a noose. With five arrows and a bow the primordial Śakti, ruddy, world-born, pierces.
বাংলা
অঙ্কুশ ও শ্বেত পাশের মতো বিশ্বদর্শিনী অভীককে পাশে বাঁধেন। পাঁচ বাণ ও ধনুকে আদিশক্তি, অরুণ, বিশ্বজাত, বিদ্ধ করেন।
हिन्दी
अङ्कुश और श्वेत पाश से विश्व-दर्शिनी अभय को पाश से बाँधती हैं। पाँच बाण और धनुष से आदिशक्ति, अरुण, विश्वजात, बेधती हैं।
आश्रम मार्गदर्शक
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