पवित्र अध्ययन
भावना
स्थिर ध्यानमय बोध, साधारण कल्पना नहीं। भावनोपनिषद् भावना से श्रीचक्र को मनुष्य के भीतर के मानचित्र के रूप में सुनने देती है।
स्थिर ध्यानमय बोध, साधारण कल्पना नहीं। भावनोपनिषद् भावना से श्रीचक्र को मनुष्य के भीतर के मानचित्र के रूप में सुनने देती है।