पवित्र अध्ययन
ॐ श्री गणेशाय नमः
Public nāmamantra of Gaṇeśa (Purāṇic-devotional; not a restricted tantric bīja sequence).
Public nāmamantra of Gaṇeśa (Purāṇic-devotional; not a restricted tantric bīja sequence).
मूल शास्त्र-पाठ
ॐ श्री गणेशाय नमः
IAST लिप्यन्तरण
समीपस्थ अनुवाद
ॐ। श्री गणेश को नमस्कार।
पाठक-सुलभ अर्थ
गणपति को संक्षिप्त प्रणाम — कार्यारम्भ में उनके नाम पर घर बैठता है।
मीनानन्द सम्पादकीय व्याख्या
बंगाल के घर पत्र, यात्रा और पूजा की देहरी पर यह पंक्ति जानते हैं। आश्रम इसे सार्वजनिक भक्ति मानता है — देहरी साफ़ करने का नाम। दीक्षा में दिए बीज-मन्त्र गुरु के मुख और साधक के हृदय में रहते हैं। इस मन्त्र का गहरा अर्थ, जप की लय या दीक्षा का मार्ग जानने के लिए मीनानन्द आश्रम से सम्पर्क कीजिए।
साधना का प्रसंग
कार्यारम्भ में एक या तीन बार, घर की रीति के अनुसार। निजी गिनती के लिए आश्रम से पूछिए।
पदार्थ
- गणेशाय — गणेश को
- नमः — नमस्कार
Public nāmamantra; not copied from a commercial stotra book as a unique translation. Sanskrit: public domain. Foundation translations: CC BY-SA 4.0.