Maa Kali dressed with lights, flowers, and the scythe of the shrine.

पवित्र अध्ययन

या देवी सर्वभूतेषु

Devī Māhātmya 5.16ff refrain (Śakti-rūpeṇa saṃsthitā and sister lines).

Devī Māhātmya 5.16ff refrain (Śakti-rūpeṇa saṃsthitā and sister lines).

मूल शास्त्र-पाठ

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता । नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

IAST लिप्यन्तरण

yā devī sarvabhūteṣu śaktirūpeṇa saṃsthitā | namas tasyai namas tasyai namas tasyai namo namaḥ ||

समीपस्थ अनुवाद

जो देवी सब भूतों में शक्तिरूप में स्थित हैं — उन्हें नमस्कार, नमस्कार, नमस्कार, बार-बार।

पाठक-सुलभ अर्थ

चण्डी का ध्रुव: देवी दूर नहीं; वे प्रत्येक भूत में खड़ी शक्ति हैं।

मीनानन्द सम्पादकीय व्याख्या

आश्रम इसे गाते हुए जगत् को शक्ति का स्थान गाता है। भगिनी ध्रुव (बुद्धि, निद्रा, क्षुधा) उसी अध्याय के हैं; यह पत्र शक्ति-पंक्ति को सार्वजनिक द्वार की तरह छापता है।

साधना का प्रसंग

दुर्गा-पूजा में गाया जाता है। पूरा अध्याय लम्बा पाठ है।

पदार्थ

  • शक्तिरूपेण — शक्तिरूप में

Devī Māhātmya public-domain refrain; Foundation translation original. Sanskrit: public domain. Foundation translations: CC BY-SA 4.0.