पवित्र अध्ययन
सह नाववतु
Taittirīya Upaniṣad, śānti (also Kṛṣṇa Yajurveda student-teacher peace).
Taittirīya Upaniṣad, śānti (also Kṛṣṇa Yajurveda student-teacher peace).
मूल शास्त्र-पाठ
ॐ सह नाववतु । सह नौ भुनक्तु । सह वीर्यं करवावहै । तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै । ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः
IAST लिप्यन्तरण
समीपस्थ अनुवाद
वह हम दोनों की साथ रक्षा करे। साथ पुष्ट करे। साथ वीर्य से कार्य करें। हमारा अधीत तेजस्वी हो; द्वेष न करें। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।
पाठक-सुलभ अर्थ
अध्ययन से पहले शान्ति: गुरु और शिष्य साथ रक्षित और पोषित हों, और विद्या परस्पर द्वेष के बिना बढ़े।
मीनानन्द सम्पादकीय व्याख्या
आश्रम में पाठ-चक्र और शान्त पठन इस प्रार्थना से खुलते हैं। जो ज्ञान विनय में रहता है, वही मन्त्र का भाव रखता है। यहाँ विद्या साझा अन्न है — बैठने वाले दोनों की शक्ति। इस मन्त्र का गहरा अर्थ, जप की लय या दीक्षा का मार्ग जानने के लिए मीनानन्द आश्रम से सम्पर्क कीजिए।
साधना का प्रसंग
सहपाठ के आरम्भ में बोलिए। निश्चित गिनती ऐच्छिक है; चाहें तो आश्रम से जानिए।
पदार्थ
- सह — साथ
- अवतु — रक्षा करे
Taittirīya Upaniṣad śānti-pāṭha, public-domain Devanagari. Sanskrit: public domain. Foundation translations: CC BY-SA 4.0.