শুভ মহালয়া शुभ महालय 10 अक्टूबर 2026 · 22 आश्विन 1433 · आश्विन अमावस्या

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    Maa Kali dressed with lights, flowers, and the scythe of the shrine.

    पवित्र अध्ययन

    भद्रं कर्णेभिः

    ṚV 1.89.8; also a common Vedic śānti.

    ṚV 1.89.8; also a common Vedic śānti.

    मूल शास्त्र-पाठ

    भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवाँसस्तनूभिर्व्यशेम देवहितं यदायुः ॥

    IAST लिप्यन्तरण

    bhadraṃ karṇebhiḥ śṛṇuyāma devāḥ bhadraṃ paśyemākṣabhir yajatrāḥ | sthirair aṅgais tuṣṭuvāṃsas tanūbhir vyaśema devahitaṃ yad āyuḥ ||

    समीपस्थ अनुवाद

    देवो, कानों से मङ्गल सुनें; यजनीयो, आँखों से मङ्गल देखें। स्थिर अङ्गों से, तुष्ट तन से देव-हित आयु पूरी करें।

    पाठक-सुलभ अर्थ

    सुनना और देखना मंगल में रहे, और शरीर देवहित के लिए दिए आयु को पूर्ण करे — यही प्रार्थना।

    मीनानन्द सम्पादकीय व्याख्या

    यज्ञ या कीर्तन से पहले यह ऋक् चाहती है कि इन्द्रियों के द्वार दयालु रहें। आश्रम इसे सार्वजनिक वैदिक शान्ति मानता है — साथ पवित्र वाणी से पहले मंगल का द्वार। इस मन्त्र का गहरा अर्थ, जप की लय या दीक्षा का मार्ग जानने के लिए मीनानन्द आश्रम से सम्पर्क कीजिए।

    साधना का प्रसंग

    सार्वजनिक पाठ से पहले शान्ति के रूप में बोलिए। घर के अवसरों के लिए आश्रम से पूछिए।

    पदार्थ

    • भद्रम् — मङ्गल
    • शृणुयाम — सुनें

    ṚV 1.89.8 Śākala public-domain. Sanskrit: public domain. Foundation translations: CC BY-SA 4.0.