Maa Kali dressed with lights, flowers, and the scythe of the shrine.

पवित्र अध्ययन

भद्रं कर्णेभिः

ṚV 1.89.8; also a common Vedic śānti.

ṚV 1.89.8; also a common Vedic śānti.

मूल शास्त्र-पाठ

भद्रं कर्णेभिः शृणुयाम देवाः भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः । स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवाँसस्तनूभिर्व्यशेम देवहितं यदायुः ॥

IAST लिप्यन्तरण

bhadraṃ karṇebhiḥ śṛṇuyāma devāḥ bhadraṃ paśyemākṣabhir yajatrāḥ | sthirair aṅgais tuṣṭuvāṃsas tanūbhir vyaśema devahitaṃ yad āyuḥ ||

समीपस्थ अनुवाद

देवो, कानों से मङ्गल सुनें; यजनीयो, आँखों से मङ्गल देखें। स्थिर अङ्गों से, तुष्ट तन से देव-हित आयु पूरी करें।

पाठक-सुलभ अर्थ

सुनना और देखना मङ्गल के साथ रहे, तन दी गई आयु पूरी करे — यह प्रार्थना है।

मीनानन्द सम्पादकीय व्याख्या

यज्ञ या कीर्तन से पहले यह ऋक् चाहती है इन्द्रिय-द्वार दयालु रहें। सार्वजनिक वैदिक शान्ति, गुह्य विधि नहीं।

साधना का प्रसंग

सार्वजनिक पाठ से पहले शान्ति के रूप में।

पदार्थ

  • भद्रम् — मङ्गल
  • शृणुयाम — सुनें

ṚV 1.89.8 Śākala public-domain. Sanskrit: public domain. Foundation translations: CC BY-SA 4.0.