पवित्र अध्ययन
मन्त्र, अर्थ और ध्यान
सार्वजनिक मन्त्र उपनिषद् के अर्थ के पास; संकेत रोके गये।
सार्वजनिक मन्त्र उपनिषद् के अर्थ के पास; संकेत रोके गये।
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1
Devī Upaniṣad 7 (Sanskrit Documents numbering)
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महालक्ष्मी को जानते हैं; सर्वसिद्धि पर ध्यान धरते हैं। वह देवी हमें प्रेरित करें।
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2
Sarasvatīrahasya Upaniṣad 1 (Sanskrit Documents numbering)
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ऋषियों ने भगवान् आश्वलायन का पूजन कर पूछा: ‘किस उपाय से वह ज्ञान होता है जो अर्थ को प्रकाशित करे? किस उपासना से तत्त्व जानते हो? भगवन्, कहिए।’
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3
Tripurātāpinī Upaniṣad, identification (Sanskrit Documents recension)
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यही भगवती त्रिपुरा कहकर पढ़ी जाती हैं।