पवित्र अध्ययन
अधिकार से परे समृद्धि
श्री स्वागत; अन्नपूर्णा ज्ञान जो भरता है।
श्री स्वागत; अन्नपूर्णा ज्ञान जो भरता है।
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Saubhāgyalakṣmī Upaniṣad, opening (Sanskrit Documents recension)
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तब देवों ने भगवान् से कहा: ‘भगवन्, सौभाग्यलक्ष्मी-विद्या कहिए।’ भगवान् आदिनारायण ने कहा: ‘तथास्तु। सब देव, मन सावधान कर सुनो।’
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2
Devī Upaniṣad 7 (Sanskrit Documents numbering)
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महालक्ष्मी को जानते हैं; सर्वसिद्धि पर ध्यान धरते हैं। वह देवी हमें प्रेरित करें।