Maa Kali dressed with lights, flowers, and the scythe of the shrine.

पवित्र अध्ययन

देवीमाहात्म्य — आविर्भाव मानचित्र

durga700 पाठ का अध्याय-मानचित्र: ढाँचा, मधु-कैटभ, तेज-समाहार, महिष का नाम, स्तुति।

पौराणिक आख्यान

durga700 पाठ का अध्याय-मानचित्र: ढाँचा, मधु-कैटभ, तेज-समाहार, महिष का नाम, स्तुति।
durga700 पाठ का अध्याय-मानचित्र: ढाँचा, मधु-कैटभ, तेज-समाहार, महिष का नाम, स्तुति।
  1. 1 सुरथ और समाधि
    अध्याय १ राजा और वणिक् का ढाँचा ऋषि से पहले खोलता है।
    Devī Māhātmya, adhyāya 1 (durga700)
  2. 2 मधु और कैटभ नामित
    प्रथम चरित मधु-कैटभ प्रसंग का शीर्षक धारण करता है।
    Devī Māhātmya, adhyāya 1 (durga700)
  3. 3 तेज एकत्र होता है
    अध्याय २ देवों का तेज एकत्र होकर देवी होने को कहता है।
    Devī Māhātmya, adhyāya 2 (durga700)
  4. 4 महिष नामित
    अध्याय २–३ के शीर्षक सेना और महिष प्रसंग नाम करते हैं।
    Devī Māhātmya, adhyāya 2–3 (durga700)
  5. 5 देवों की स्तुति
    अध्याय ४ इन्द्र और देवों की स्तुতি है।
    Devī Māhātmya, adhyāya 4 (durga700)
  6. 6 उपनिषद् के पास
    पुराण का आविर्भाव देवी उपनिषद् के पहचान-उत्तर के पास बैठता है।
    Devī Upaniṣad 1; Devī Māhātmya 2

स्रोत और परम्पराएँ

  • Devī Māhātmya / Durgā Saptaśatī, Sanskrit Documents — Devī Māhātmya, adhyāya 1–4 (durga700 recension) · Public-domain Devanagari recension as posted 2026 · Sanskrit: public-domain Devanagari as encoded at Sanskrit Documents (sanskritdocuments.org) by named volunteer proofreaders. Foundation diagrams: original SVG, CC BY-SA 4.0. · 2026-09-20

इस पृष्ठ के दावे

  • अध्याय १ मार्कण्डेय से पहले सुरथ और समाधि के ढाँचे में कथा बैठता है। — Devī Māhātmya, adhyāya 1 (durga700)
  • प्रथम चरित मधु-कैटभ प्रसंग नाम करता है। — Devī Māhātmya, adhyāya 1, titled Madhu-Kaiṭabha-vadha in durga700
  • अध्याय २ देवों के तेज के एकत्र होकर देवी होने को कहता है। — Devī Māhātmya, adhyāya 2 (durga700)
  • अध्याय २–३ महिष-सेना और महिष प्रसंग नाम करते हैं। — Devī Māhātmya, adhyāya 2–3 (durga700 chapter titles)
  • अध्याय ४ इन्द्र और देवों की स्तुति है। — Devī Māhātmya, adhyāya 4 (durga700)
  • पौराणिक आविर्भाव और उपनिषदीय पहचान एक घर के दो कक्ष हैं। — Devī Māhātmya adhyāya 2; Devī Upaniṣad 1