पवित्र अध्ययन
सामवेद
गीता ज्ञान। जीवित शाखाओं में कौथुम, राणायनीय और जैमिनीय।
सामवेद का बहुत-सा पाठ ऋग्वेद से मिलता है; साम गाया रूप है। इस चरण में शाखाओं के नाम हैं। स्वरलिपि स्रोत-सहित पद्धति की प्रतीक्षा में है।
पवित्र अध्ययन
गीता ज्ञान। जीवित शाखाओं में कौथुम, राणायनीय और जैमिनीय।
सामवेद का बहुत-सा पाठ ऋग्वेद से मिलता है; साम गाया रूप है। इस चरण में शाखाओं के नाम हैं। स्वरलिपि स्रोत-सहित पद्धति की प्रतीक्षा में है।
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