শুভ মহালয়া शुभ महालय 10 अक्टूबर 2026 · 22 आश्विन 1433 · आश्विन अमावस्या

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    Maa Kali dressed with lights, flowers, and the scythe of the shrine.

    पवित्र अध्ययन

    ṚV 1.1.1 (Śākala saṃhitā)

    ṚV 1.1.1 (Śākala saṃhitā)

    ṚV 1.1.1 (Śākala saṃhitā)

    मूल शास्त्र-पाठ

    अग्निमीळे पुरोहितं यज्ञस्य देवमृत्विजम् । होतारं रत्नधातमम् ॥

    IAST लिप्यन्तरण

    agnim īḷe purohitaṃ yajñasya devam ṛtvijam | hotāraṃ ratnadhātamam ||

    समीपस्थ अनुवाद

    अग्नि की स्तुति करता हूँ, यज्ञ के पुरोहित देव-ऋत्विज्, होता, रत्न धारण करने वालों में श्रेष्ठ।

    पाठक-सुलभ अर्थ

    संहिता यज्ञ के आगे खड़े अग्नि का नाम लेकर खुलती है, जो हवि ढोता है।

    मीनानन्द सम्पादकीय व्याख्या

    इस घर में पहली ऋक् अभिवादन है: गुरु के सामने अतिथि जैसे बैठता है, अग्नि के सामने वैसे बैठिए।

    पदार्थ

    • अग्निम् — अग्नि
    • ईळे — स्तुति करता हूँ
    • पुरोहितम् — पुरोहित

    Śākala Ṛgveda 1.1.1 as printed in public-domain saṃhitā editions. Sanskrit: public domain. Foundation translations: CC BY-SA 4.0.