पवित्र अध्ययन
शुभं करोति कल्याणम्
Public dīpa-pranāma (anon. traditional).
Public dīpa-pranāma (anon. traditional).
मूल शास्त्र-पाठ
शुभं करोति कल्याणं आरोग्यं धनसंपदा । शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपज्योतिर्नमोऽस्तुते ॥
IAST लिप्यन्तरण
śubhaṃ karoti kalyāṇaṃ ārogyaṃ dhanasaṃpadā | śatrubuddhivināśāya dīpajyotir namo'stu te ||
समीपस्थ अनुवाद
तुम शुभ करते हो, कल्याण, आरोग्य और धनसम्पद। शत्रु-बुद्धि के नाश के लिए — दीपज्योति, तुम्हें नमस्कार।
पाठक-सुलभ अर्थ
सन्ध्या में दीप को प्रणाम: प्रकाश आरोग्य, प्राचुर्य, शत्रु-मन की शान्ति।
मीनानन्द सम्पादकीय व्याख्या
आश्रम सन्ध्या का दीप जलाए तो यह श्लोक कहा जा सकता है। घर का दीप-प्रणाम, तान्त्रिक अग्नि-विधि नहीं।
साधना का प्रसंग
दीप जलाने पर। एक बार पर्याप्त।
पदार्थ
- दीपज्योतिः — दीपशिखा
Anonymous public dīpa verse. Sanskrit: public domain. Foundation translations: CC BY-SA 4.0.