Maa Kali dressed with lights, flowers, and the scythe of the shrine.

पवित्र अध्ययन

इस ग्रन्थालय का उपयोग कैसे करें

एक श्लोक पढ़ें। अर्थ के पास बैठें। कान तैयार करें। देवता, आचार, भगिनी-पाठ के सूत्र पर चलें।

प्रारूप — समीक्षा बाकी

पढ़ें। प्रत्येक खुले श्लोक में देवनागरी मूल पंक्ति है। उसके नीचे समीपस्थ अनुवाद है। अंग्रेज़ी, बांग्ला और हिन्दी उस श्रवण के साथी हैं।

समझें। पदार्थ, पाठक-अर्थ, नाम-सहित भाष्य यदि हो, और मीनानन्द व्याख्या — चार स्वर। अन्तिम इस घर की सोच है, शङ्कर और ऋषि के पास।

सुनें। प्रत्येक मन्त्र-पत्र पर श्रव्य-क्षेत्र है। सञ्चिकाएँ बाद में आएँगी। तब तक IAST और बांग्ला पाठ-सहाय मुख को ढोते हैं।

खोजें। धर्म, शक्ति, देवता, ऋषि और भगिनी-मन्त्र जान-बूझकर जुड़े हैं। उत्सव या पूजा का पृष्ठ स्थल पर हो तो वहीं संकेत है; दूसरी पञ्जिका नहीं बनाई जाती।

“केवल अनुक्रमणिका” का अर्थ है नाम सत्य है, पूरा पाठ अभी स्रोत हो रहा है। यह ईमानदारी भी शिक्षा है।